DA hike update -केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: त्योहारों से पहले 3 फीसदी बढ़ेगा महंगाई भत्ता?3 महीने के एरियर के साथ बोनस सीलिंग पर भी आ सकता है बड़ा फैसला
महंगाई भत्ते के साथ ही इस त्योहारी सीजन में कर्मचारियों को बोनस की सीमा पर भी अच्छी खबर मिल सकती है. राष्ट्रीय परिषद (JCM) ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप बोनस गणना की सीलिंग को रिवाइज करने की मांग की है.

DA hike update –अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के छमाही आंकड़े जारी होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है. केंद्र सरकार जुलाई 2026 से महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकती है.
माना जा रहा है कि नवरात्रि या दशहरे के आसपास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है. इस फैसले से 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों की टेक-होम सैलरी और मासिक पेंशन में सीधा इजाफा देखने को मिलेगा.
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत की दर से डीए मिल रहा है, जो 3 फीसदी की नई वृद्धि के बाद बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा. चूंकि यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
इसलिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का 3 महीने का एरियर भी एक साथ मिलेगा.
सैलरी गणना के हिसाब से देखें तो 18,000 रुपये न्यूनतम बेसिक पे वाले कर्मचारियों को हर महीने 540 रुपये, 30,000 रुपये बेसिक पे पर 900 रुपये और 50,000 रुपये बेसिक पे वाले अधिकारियों को प्रतिमाह 1,500 रुपये का सीधा फायदा होगा.
जून 2026 में AICPI-IW इंडेक्स 151.9 के स्तर पर पहुंचा, जिसके आधार पर पिछले 12 महीनों का औसत सूचकांक 148.65 रहा. 7वें वेतन आयोग के तय फॉर्मूले के तहत कुल डीए 63.76 प्रतिशत बनता है,।
जिसे राउंड ऑफ करके 63 फीसदी तय किया जाएगा. वर्ष में दो बार (जनवरी और जुलाई) संशोधित होने वाले महंगाई भत्ते में इस साल की यह दूसरी बढ़ोतरी होगी, जो 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग के औपचारिक समापन के बाद दूसरी समीक्षा के तहत लागू की जा रही है. जब तक 8वें वेतन आयोग के नए सैलरी स्लैब लागू नहीं होते, तब तक कर्मचारियों को 7th CPC के नियमों के तहत ही डीए का लाभ दिया जाता रहेगा.
महंगाई भत्ते के साथ ही इस त्योहारी सीजन में कर्मचारियों को बोनस की सीमा पर भी अच्छी खबर मिल सकती है. राष्ट्रीय परिषद (JCM) ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप बोनस गणना की सीलिंग को रिवाइज करने की मांग की है.
फिलहाल बोनस की गणना 2014-15 से लागू 7,000 रुपये की पुरानी वैधानिक सीमा पर होती है, जिससे अधिकतम 17,951 रुपये ही बोनस मिल पाता है. कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि जब न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये है, तो बोनस की सीमा भी 18,000 से 21,000 रुपये होनी चाहिए.
यदि सरकार इस मांग को स्वीकार करती है तो कर्मचारियों का बोनस बढ़कर लगभग 50,000 से 53,000 रुपये तक हो जाएगा, जिससे भारतीय रेलवे, डाक विभाग और रक्षा उत्पाद इकाइयों के नॉन-गाजटेड कर्मचारियों को बड़ा आर्थिक फायदा मिलेगा.







